Thursday, April 18, 2019

क्या आधार डेटा चोरी कर चुनाव में राजनीतिक फ़ायदा उठाया जा सकता है?: लोकसभा चुनाव 2019

आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में लगभग आठ करोड़ लोगों के आधार डेटा चोरी होने की ख़बर ने एक बार फिर आधार के सुरक्षित होने पर सवालिया निशान खड़े कर दिए.

आरोप लगाए गए हैं कि ये आधार डेटा सेवा मित्र नामक मोबाइल एप के ज़रिए चोरी किए गए. यह मोबाइल ऐप तेलुगू देशम पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं के लिए बनाया है.

मामले की गंभीरता को देखते हुए आधार जारी करने वाली एजेंसी भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने तेलंगाना पुलिस के पास शिकायत दर्ज करवाई है.

तेलंगाना पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने यूआईडीएआई के पास अपनी जो रिपोर्ट पेश की है उसके आधार पर यूआईडीएआई के डिप्टी डायरेक्टर ने हैदराबाद में माधेपुर पुलिस के पास एफ़आईआर दर्ज़ करवाई है.

तेलंगाना पुलिस की एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर यूआईडीएआई ने मामले की जांच की अपील की है.

यूआईडीएआई की ओर से दर्ज़ शिकायत में बताया गया है, ''हमें 2 मार्च 2019 को एक शिकायत प्राप्त हुई जिसमें बताया गया कि आंध्र प्रदेश सरकार ने सेवा मित्र ऐप के ज़रिए सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों, वोटर आईडी और आधार की जानकारी जुटाई और उनका ग़लत इस्तेमाल किया. जांच के दौरान हमने पाया कि ऐप के ज़रिए आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के लोगों के वोटर आईडी और आधार की जानकारियां इकट्ठा की गई थीं. अपने तलाशी अभियान के दौरान हमने आईटी ग्रिड्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड के परिसर से चार हार्ड डिस्क बरामद की. उन हार्ड डिस्क को तेलंगाना फ़ॉरेंसिक साइंस लैब में जांच के लिए भेजा गया. जांच में इस बात की पुष्टि हुई है कि इन चार हार्ड डिस्क में अच्छी खासी संख्या में लोगों के आधार कार्ड की जानकारियां थीं. शिकायतकर्ता लोकेश्वर रेड्डी सहित कई लोगों की जानकारियां उन हार्ड डिस्क में मिली. हमारा मानना है कि इस तमाम डेटा को या तो केंद्रीय पहचान डेटा कोष या फिर राज्य डेटा रेजिडेंट हब से हटा दिया गया है.''

आधार नियम 2016 के अनुसार यह अनुच्छेद 38(जी) और 38(एच) के तहत डेटा चोरी का अपराध है. इसके साथ ही सूचना क़ानून 2000 की धारा 29(3) के अनुसार सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों का डेटा निकालना भी अपराध है.

इसके अलावा कोई प्राइवेट कंपनी आधार का डेटा नहीं निकाल सकती. आधार नियम की धारा 65, 66(बी) और 72(ए) के अनुसार यह ग़ैरक़ानूनी है.

शिकायत
यूआईडीएआई की शिकायत में यह आरोप भी लगाया गया है कि आधार का डेटा ग़लत तरीके से निकालने के बाद उसे अमेज़न के वेब प्लेटफॉर्म में रखा गया था.

तेलंगाना एसआईटी के प्रमुख स्टीफन रविंद्र ने बीबीसी तेलुगू को बताया, ''यह मामला हमें साइबराबाद पुलिस के ज़रिए मिला. इसका मुख्य आरोपी अशोक दकावरम अभी फ़रार है और हम उसकी तलाश कर रहे हैं. एक बार वो हमारी पकड़ में आ जाए तो हम यह पता लगाएंगे कि उन्होंने यह आधार डेटा कहां से प्राप्त किया. हम अपनी जांच जारी रखेंगे.''

स्टीफन रविंद्र ने कहा, ''उन्होने सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों के आधार और वोटर आईडी का डेटा निकाला. शिकायतकर्ता ने बताया था कि डेटा के आधार पर वो वोटर की राजनीतिक इच्छा को भी जांचते और उसके बाद जो लोग टीडीपी को वोट देने वालों की सूची में नहीं होते उनके नाम वोटर लिस्ट से ही हटा दिया जाता. हम इस मामले की जांच भी कर रहे हैं.''

तेलंगाना एसआईटी ने आंध्र प्रदेश के अन्य विभागों को भी इस संबंध में पत्र लिखा है और उनसे स्पष्टिकरण मांगा. स्टीफन रविंद्र ने बताया कि अभी छह विभागों की तरफ से जवाब मिलना बाकी है.

आंध्र प्रदेश के तकनीकि सलाहकार वेमुरी हरि कृष्णा ने बीबीसी को बताया कि एफ़आईआर की कॉपी अच्छे तरीके से देखने पर कई सवालों के जवाब मिल जाते हैं.

डेटा चोरी होने का जिक्र नहीं
वो कहते हैं कि यूआईडीआईए ने कहीं पर भी डेटा चोरी होने का ज़िक्र नहीं किया है.

हरि कृष्णा ने कहा, ''तेलंगाना पुलिस ने अपने अधिकारी क्षेत्र से बाहर जाते हुए 23 फ़रवरी से आईटी ग्रिड कंपनी पर ग़ैरक़ानूनी छापे मारे. इन छापों के बाद उन्होंने सिर्फ़ 2 मार्च का मामला ही रिपोर्ट किया, वो लगातार ग़ैरक़ानूनी छापे मारते रहे और इसे छिपाने के लिए उन्होंने आधार का मामला सामने रख दिया. वो मीडिया और आम जनता को गुमराह करना चाहते हैं.''

वेमुरी हरि कृष्णा ने दावा किया, ''आईटी ग्रिड के पास किसी तरह के आधार से जुड़ा डेटा नहीं था. और अगर कोई डेटा रहा भी होगा तो वह तेलुगू देशम पार्टी की सदस्यता के दौरान जुटाया गया डेटा होगा. हमने सदस्यता देते वक़्त लोगों ने उनके अलग-अलग पहचान पत्र मांगे थे.''

उन्होंने बताया कि बाद में उन्होंने सदस्यता के लिए अलग-अलग पहचान पत्रों की जगह वोटर आईडी कार्ड को ही पहचान पत्र के प्रमाण के तौर पर मानना शुरू कर दिया.

हरि कृष्णा वायएसआरसीपी पर आरोप लगाते हैं कि उन्होंने चुनाव आयोग में फॉर्म-7 भरा है.

फॉर्म-7 असल में एक अपीलीय पत्र होता है जिसके ज़रिए किसी व्यक्ति के कहीं जाने या फिर मृत्यु होने से उसके नाम को निर्वाचक सूची में जोड़ा या हटाया जाता है.

हरि कृष्णा कहते हैं, ''जगनमोहन रेड्डी ने नेल्लोर की एक आम सभा में खुद यह कहा कि उनकी पार्टी ने फॉर्म-7 की अपील दायर की है. तो ऐसे में यह सवाल कैसे उठता है कि हम वोटरों के नाम काट रहे हैं. जो मामला दर्ज़ हुआ है वह ग़लत है. हमने बैंक खातों से जानकारियां नहीं जुटाई हैं. अगर उनके पास इन आरोपों को साबित करने के लिए सबूत हैं तो वे पेश करें.''

उन्होंने कहा, ''सेवा मित्र ऐप को चलाने के लिए डेटा चोरी किया गया. यह बिलकुल ग़लत है. ना सिर्फ आधार डेटा बल्की वोटरों की रंगीन आईडी भी ली गई. कई लोगों के बैंक खातों की जानकारियां ली गईं. इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की जानी चाहिए.''

आंध्र प्रदेश के चुनाव निगरानी संयोजक वी वी राव ने इस बात पर अफ़सोस जताया कि कोई भी सरकार के इस तरह की संवेदनशील जानकारियों पर नियंत्रण नहीं रख पाती. उन्होंने कहा कि सिर्फ आधार डेटा ही नहीं सरकारी एजेंसियों से भी कई जानकारियां चोरी होने की सूचना मिलती है.

Wednesday, April 10, 2019

69 साल में 999 फॉर्मूला-1 रेस हुईं, फेरारी के माइकल शूमाकर सबसे ज्यादा 91 बार जीते

शंघाई. चीन के शंघाई इंटरनेशनल सर्किट पर रविवार को चाइनीज ग्रांप्री फॉर्मूला1 रेस होगी। इसमें कुल 10 टीमों के 20 ड्राइवर हिस्सा ले रहे हैं। इनमें लुइस हेमिल्टन और सेबेस्टियन वेटल भी शामिल हैं। लेकिन इन सब बातों से बढ़कर चाइनीज ग्रांप्री इसलिए और भी अहम है, क्योंकि ये फॉर्मूला1 के इतिहास की 1000वीं रेस होगी। एफ1 रेस के 69 साल के इतिहास में अब तक 999 रेस हो चुकी हैं। 1920 में यूरोपियन ग्रांप्री से मोटरगाड़ियों की रेसिंग का कॉन्सेप्ट ईजाद हुआ था। इसके बाद घरेलू स्तर पर ही इस तरह की रेस का आयोजन किया जाता था। पहली बार 1946 में फॉर्मूला1 शब्द सामने आया।

फॉर्मूला1 शब्द पहली बार 1946 में सामने आया
कमीशन स्पोर्टिव इंटरनेशनल (सीएसआई) ने प्रीमियर सिंगल सीटर रेसिंग कैटेगरी के तौर पर इसकी परिभाषा दी। इसी तरह कम क्षमता वाली कारों की रेसिंग को फॉर्मूला-2 और फॉर्मूला-3 में बांटा गया। 1950 में ब्रिटिश ग्रांप्री के साथ पहली बार फॉर्मूला1 रेस का आयोजन किया गया। अमेरिका के जॉनी पर्संस ने रेस जीती। उस समय भी एफ1 रेस को लेकर इतनी दिलचस्पी थी कि 1 लाख से ज्यादा लोग रेस देखने के लिए जुटे थे। तब से अब तक 23 देशों के 105 ड्राइवर कभी न कभी एफ1 रेस जीत चुके हैं। कई ड्राइवरों ने एक बार, तो कई ने एक से ज्यादा बार रेस जीती।

अमेरिका के चैंपियन एफ1 रेस माइकल शूमाकर ने सबसे ज्यादा 91 बार रेस जीती है। चाइनीज ग्रांप्री की बात करें तो ये रेस 2004 से होती आ रही है। सबसे ज्यादा बार चाइनीज ग्रांप्री जीतने वाले ड्राइवर लुइस हेमिल्टन (5) और सबसे ज्यादा जीतने वाली टीम मर्सिडीज (5) है। सर्किट की लंबाई 5.4 किमी और रेस की दूरी 305 किमी होती है। 56 लैप की रेस होती है। डिफेंडिंग चैंपियन सेबेस्टियन वेटल हैं।

पहली रेस: तब 1500 सीसी का इंजन था, अब टर्बाइन जैसी पावर वाला
सबसे पहली फॉर्मूला1 रेस जून 1950 में ब्रिटेन के सिल्वरस्टोन सर्किट पर हुई थी। तब पनडुब्बी जैसी दिखने वाली सिंगल सीटर कार रेस में दौड़ती थीं, जिनके इंजन करीब 1500 सीसी के रहते थे। अब जो कारें रेस में उतर रही हैं, उनके टर्बोचार्ज इंजन होते हैं- यानी टर्बाइन जैसी ताकत वाले इंजन। कारों का 2000 मिमी का व्हीलबेस अब 3500 मिमी तक का हो चुका है। तब कारों में 12 पिस्टन और 6 सिलेंडर वाला इंजन इस्तेमाल होता था। अब वी-6 इंजन आ चुका है, जिसे सबसे कॉम्पैक्ट इंजन बताया जा रहा है। तब सिंगल प्लेट क्लच का इस्तेमाल होता था, जिसकी वजह से कार का इंजन जल्द खराब होने की संभावना रहती थी। अब कारों में मल्टी प्लेट क्लच का इस्तेमाल होता है।

सफल टीम: फेरारी ने 235 बार रेस जीती है
फेरारी एफ1 इतिहास की सबसे सफल टीम रही है। टीम ने 235 बार रेस जीती। इसकी वजह टीम में माइकल शूमाकर की मौजूदगी भी रही है, जो 1996 से 2006 तक फेरारी से जुड़े रहे। 2015 से सेबेस्टियन वेटल भी फेरारी टीम में हैं। 182 जीत के साथ मैक्लारेन टीम दूसरे नंबर पर और 114 जीत के साथ विलियम्स तीसरे नंबर पर है। मर्सिडीज को 89, रेडबुल को 59 जीत मिली हैं।

सफल ड्राइवर: शूमाकर; हेमिल्टन भी 17 जीत पीछे 
जर्मनी के रेसर माइकल शूमाकर ने सबसे ज्यादा 91 बार रेस जीती है। दूसरे नंबर पर यूके के लुइस हेमिल्टन (74) और तीसरे पर जर्मनी के सेबेस्टियन वेटल (52) हैं। इसके अलावा एलेन प्रोस्ट (51) ने भी 50+ जीत हासिल की। वहीं 31 ड्राइवर ऐसे हैं, जिन्होंने सिर्फ एक बार ग्रांप्री जीती है। 33 रेसर्स ऐसे हैं, जिन्होंने 10 या उससे ज्यादा बार रेस में जीत हासिल की। फर्नांडो अलोंसो ने 32 बार रेस जीती है।

सफल देश: ब्रिटेन ने 163 रेसर दिए, भारत के 2
अब तक 39 अलग-अलग देशों के ड्राइवर फॉर्मूला1 रेस में हिस्सा ले चुके हैं। सबसे ज्यादा 163 ड्राइवर ब्रिटेन ने दिए हैं। अमेरिका (158) इस मामले में दूसरे और इटली (99) तीसरे स्थान पर है। भारत के 2 रेसर एफ1 तक पहुंचे हैं- नारायण कार्तिकेयन और करुण चंदोक। कार्तिकेयन 2005 में भारत के पहले एफ1 रेसर बने थे। कुल 34 देश कभी न कभी एफ1 रेस होस्ट कर चुके हैं।

Thursday, April 4, 2019

中方回应美派遣军事人员赴台:坚决反对

  中新社北京4月4日电 (黄钰钦 宋蕙)针对美国派遣现役军人在内人员进驻“美在台协会”台北办事处,中国外交部发言人耿爽4月4日在北京表示,中方坚决反对美台开展任何形式的官方往来和军事联系,美方以任何借口派军事人员赴台,都违反一个中国原则和中美三个联合公报规定。

  在当天举行的例行记者会上,有记者提问,据报道,4月3日,“美在台协会”(AIT)台北办事处发言人孟雨荷称,自2005年以来,美国政府就派遣包括现役军人在内的人员进驻AIT台北办事处。同日,美国务院发言人表示,美奉行一个中国政策,AIT台北办事处的安保工作由一小批美方人员和人数更多的当地雇佣人员、地方当局合作负责。中方对此有何评论?

  “我们注意到有关报道。美方在同台湾保持非官方关系的问题上是作出过明确承诺的。中方坚决反对美台开展任何形式的官方往来和军事联系,此前已多次就有关问题向美方表明严正立场。”耿爽说。

  他强调,一个中国原则是中美关系的政治基础。美方以任何借口派军事人员赴台,都违反一个中国原则和中美三个联合公报规定,必然给中美关系造成消极影响。中方敦促美方重信守诺,恪守一个中国原则和中美三个联合公报规定,纠正错误做法,慎重妥善处理涉台问题,以免严重损害中美关系和台海和平稳定。(完)

  在中国人民解放军北部战区陆军某旅战士沈胜敏看来,每次参加志愿军烈士遗骸安葬仪式,都是对精神的一种洗礼。“这不仅是一场仪式,更是一种精神的传承。我们会继承和发扬革命先烈的光荣传统,接过他们手中的钢枪,做祖国和人民最坚强的捍卫者。”

  当天的安葬仪式结束后,不少沈阳市民也来到陵园,祭奠先烈忠魂。78岁的贾学义便在其中,他的哥哥就安葬在抗美援朝烈士陵园内。“这里建成后我来了几趟,第三趟才找到(哥哥的名字)。”贾学义说,自烈士英名墙建成后,他每年都会来这里看看。

  沈阳抗美援朝烈士陵园始建于1951年。陵园内的烈士纪念广场建于2014年,主要由烈士英名墙、烈士遗骸安葬地宫、主题雕塑组成,地宫内安葬着由韩国迎回的中国人民志愿军烈士遗骸。

  2014年3月,首批437位在韩中国人民志愿军烈士遗骸回到祖国,中国政府在沈阳桃仙机场举行隆重的迎接仪式。自2014年至今,韩方已连续六年向中方移交599位志愿军烈士遗骸。

Tuesday, April 2, 2019

平均每天卖近10万瓶 张裕解百纳的空间还有多大?

  中新网3月22日电 “去年3月1日到今年2月28日一年,我们卖掉了32060000瓶,增长了2020000瓶。”在日前举办的“携手创大年—2019张裕解百纳合作伙伴沟通酒会”上,张裕股份公司总经理孙健交出了过去一年张裕解百纳的成绩单。

  在孙健看来,这个数据看着不大,但是在意料之中,是一个可以让张裕满意的成绩。之所以这样说,源于张裕对经销商做的大幅调整。

  原来,2017年张裕有3785家解百纳经销商,到2018年的3月份有1730家,到如今只剩下1439家经销商。据悉,第九代解百纳的牌照数量张裕很早就有了规划,即只发放507张牌照,目前已发放436张。

  “对经销商布局做大力度调整的情况下,我们能取得这样的成绩,我觉得是不错的。”孙健表示。

  不过,面对逐年向好的国内葡萄酒市场,张裕解百纳目前的销售业绩似乎并不值得欣喜,用孙健的话说,这个数字说出来会觉得有点难为情。

  “我们去年卖了32060000瓶,除以365天,平均下来一天不到10万瓶。”孙健为在场的人算了一笔账,他分析说,“通常情况是两个人喝一瓶,这样算的话每天有20万人喝解百纳。但按全国人口算,除去老人小孩还有10亿人,这10亿人是能喝酒的,如果只有20万人喝解百纳,就意味着9998000000人没有消费解百纳,也意味着产品还有很大的空间。”

  除了人口算法,孙健进一步从区域分布上做分析,“如果把这件事情落到我们管的地盘上,我们更应该把消费者按照个数来数,比如100万人口的城市只有620个人在喝解百纳。从这个角度讲,我们的空间很大。”

  谈到张裕解百纳去年的表现,孙健进一步介绍,解百纳的品类占了张裕葡萄酒大蛋糕的比重上升了1.5%,说明这个品牌在健康地运行。

  据了解,去年张裕有27款的解百纳产品实现了订单驱动,而且订单驱动占了88%,即100瓶酒中有88瓶是先下单再生产出来给经销商的。

  迎难而上 再创解百纳大年

  实际上,从葡萄酒去年的行业表现来看并不争气。孙健说,2018年国内葡萄酒行业是下降的,其中,进口酒下降了8.95%,国产葡萄酒的下降7.36%。这两个数据某种程度代表了行业的现状。

  面对当前的市场行情,张裕如何在2019年再创解百纳大年,成为张裕将要突破的一大难点。

  为此,孙健提出了多种措施。他首先提到了张裕的“三聚焦”战略。“三聚焦是张裕通过几年的验证,这是我们需要靠它实现5年,10年以及更长时间公司经营发展好的主要战略。”

  其次孙健还提到了“三个坚持”,坚持地盘论,坚持牌照制度,坚持价格论。

  “坚持价格论上,我们在1个月之前对销售体系进行了调整改革,其中改革比较大的一点是对我们原有的稽查的团队进行重组,我们换了另外一批人做,换了强力的领导来做。”孙健表示,张裕会在窜货问题上把好关,同时从体制上和员工本身上解决问题,2019年首先是张裕价格管控上的大年。

  作为国内葡萄酒行业的头部企业,张裕不断超越自我的同时,也在积极吸纳学习其他行业成功的秘诀。比如孙健提到了华为,他说,在华为学到最重要的一点就是“以客户为中心”。

  在孙健看来,表面上这句话很平常,但是商场如战场,“如果不能够给客户提供服务,这个企业就会出麻烦。为此,张裕专门成立了客户服务中心,面向经销商提供一站式服务。

  当天张裕公布的数据显示,截至今年2月底,张裕解百纳全球销量累计突破5.32 亿瓶。认清行业,看重客户,正在快速成长的张裕充满了战斗的激情和信心。2019年已经迎头走来,张裕解百纳能否实现“创大年”的愿景,实现销售量的进一步攀升,我们将拭目以待。

Wednesday, March 13, 2019

अरविंद केजरीवाल का मनोज तिवारी पर विवादित बयान- तुम्हारे बाप की है दिल्ली?

आम आदमी पार्टी (AAP) ने दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने के मुद्दे पर आगामी लोकसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया है. इस मसले पर हो रही सियासी बयानबाजी के बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री और आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष मनोज तिवारी पर कड़ा प्रहार किया है. केजरीवाल ने मनोज तिवारी को संबोधित करते हुए कहा कि तुम होते कौन हो, तुम्हारे बाप की दिल्ली है?

दिल्ली में एक जनसभा के दौरान अरविंद केजरीवाल ने कहा कि गुजरात, आंध्र, बिहार सब जगह मुख्यमंत्रियों ने धरना दिया, इन राज्यों को भी आधा बना दो. इससे आगे उन्होंने मनोज तिवारी को संबोधित करते हुए कहा, 'तुम होते कौन हो दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने वाले. तुम्हारे बाप की दिल्ली है? मनोज तिवारी कौन होता है, दिल्ली को पूर्ण राज्य देने वाला?' केजरीवाल ने साथ ही ये भी कहा कि मनोज तिवारी के पिता जी ने धरना नहीं दिया था.

बता दें कि हाल ही में मनोज तिवारी ने कहा था कि दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा नहीं दिया जाना चाहिए, क्योंकि ऐसा होने से देश के संघीय ढांचे के लिए खतरा साबित हो सकता है.

बीजेपी का घोषणा पत्र जलाया

अरविंद केजरीवाल ने जनसभा में आम आदमी पार्टी नेताओं के साथ मिलकर 2014 के बीजेपी के मेनिफेस्टो की कॉपी जलाई. अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि 2014 बीजेपी के घोषणा पत्र की पहली लाइन है कि दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाया जाएगा. इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने बयानों में सातों सीट जिताने पर दिल्ली को पूर्ण राज्य बनाने का वादा किया था. केजरीवाल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के साथ धोखा किया है, लेकिन 70 साल से दिल्ली का जो अपमान किया जा रहा है वह अब दिल्ली नहीं सहेगी और अपना हक छीनकर रहेगी.

दिलाई वाजपेयी और मदनलाल खुराना की याद

अरविंद केजरीवाल ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री मदनलाल खुराना (दोनों बीजेपी नेताओं का देहांत हो चुका है) का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा, 'मदनलाल खुराना जी की आत्मा आसमान से देख रही होगी तो आंसू बहा रही होगी कि आज उनका बेटा (हरीश खुराना) इस तरह से अपने बाप के साथ गद्दारी कर रहा है.'

अरविंद केजरीवाल यहीं नहीं रुके और उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का भी उदाहरण दिया. उन्होंने कहा, 'वाजपेयी जी दिल्ली को पूर्ण राज्य बनाने के लिए संसद में बिल लाए थे. नरेंद्र मोदी जी अगर आप वाकई वाजपेयी जी का सम्मान करते हो तो यह दिल्ली को पूर्ण राज्य बनाकर दिखाओ, वरना उनकी अस्थियों के साथ राजनीति करना बंद करो.'

अपने बयान के आखिर में केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाकर रहेंगे. दिल्ली को उसका हक दिलाने के लिए मेरी जान भी चली जाए तो हाजिर है. यह आंदोलन है और जब तक पूर्ण राज्य का दर्जा दिल्ली को नहीं मिल जाता यह आंदोलन जारी रहेगा.

Friday, February 15, 2019

مقتل جمال خاشقجي: الشرطة التركية تعتقد أن أشلاء جثة الصحفي أحرقت في القنصلية السعودية باسطنبول

قالت وكالة الأناضول التركية للأنباء يوم الخميس، نقلا عن مصادر في الشرطة التركية، إن أشلاء الصحفي السعودي القتيل جمال خاشقجي قد تكون أحرقت.

وكان خاشقجي قتل على أيدي عملاء سعوديين وصلوا إلى اسطنبول في الثاني من تشرين الأول / أكتوبر الماضي، في حادث أثار غضبا على النطاق العالمي.

وقالت الوكالة التركية نقلا عن الشرطة إن "مقر القنصلية في اسطنبول فيها بئران وفرن خشبي تصل درجة الحرارة فيه الى ألف درجة مئوية، مما يتلف أي أثر لحمض نووي".

وكانت السلطات السعودية أقرت، بعد أن أصدرت العديد من التصريحات المتناقضة، بأن خاشقجي قتل بعد أن فشل موظفو القنصلية في إقناعه بالعودة إلى السعودية.

وقالت وكالة الأناضول إن الشرطة التركية تعتقد الآن بأن أشلاء خاشقجي قد أحرقت وأتلفت.

ولم يعثر إلى الآن على أي أثر لأشلاء خاشقجي رغم التحقيق التركي الرسمي الذي شمل مقر القنصلية ومقر اقامة القنصل السعودي ومواقع أخرى.

وسبق للرئيس التركي رجب طيب أردوغان أن قال إن اغتيال خاشقجي تم بأمر من مسؤولين في الدولة السعودية، وطالب مرارا من الرياض أن تكشف عن هوية "المتعاون المحلي" الذي يقول السعوديون إنه تخلص من جثة القتيل.

وتنفي الرياض أن يكون لولي العهد السعودي محمد بن سلمان أي دور في اغتيال خاشقجي.

أثار المغني الإيطالي أليساندرو محمود الدهشة والاستغراب في صفوف اليمين الإيطالي بعد فوزه في مهرجان "سان ريمو" الغنائي العريق في دورته الـ 69، بسبب أصوله المصرية. ويؤهله فوزه في هذا المهرجان تمثيل إيطاليا في مسابقة الأغنية "يوروفيجن" العالمية.

وحصل محمود على أعلى نسبة أصوات من هيئة محلفين ضمت موسيقيين وصحفيين شكلت آراؤهم 60 في المئة من النقاط.

وأصبح محمود هدفاً لهجمات اليمين المتطرف، إذ غرّد ماتيو سالفيني، زعيم حزب "رابطة الشمال" اليميني ونائب رئيس الوزراء الإيطالي عبر حسابه في تويتر قائلاً: "لو كنت هناك، لاخترت المغني نيكولو موريكوني". وأضاف: "يشعر 90 في المئة من الناس الذين صوتوا في المسابقة بالحيرة حيال فوز محمود على منافسه موريكوني".

وقال ويجي دي مايو، أحد أعضاء "حركة خمس نجوم" مؤيداً رأي نائب رئيس الوزراء في حسابه على فيسبوك: "هناك بون شاسع بين الشعب والنخبة التي هي عبارة عن مجموعة من الصحفيين والفنانين، وفوز محمود جاء بناءً على رغبة النخبة وليس بناءً على رغبة أغلبية الناخبين من الشعب".

أما أليساندرو محمود الذي ولد من أم إيطالية وأب مصري، فردَّ بأنه إيطالي مئة في المئة لأنه ولد وترعرع في ميلانو. وتحاكي أغنيته التي فازت في المهرجان، طفولته وتحتوي على بعض الكلمات العربية.

وقال للصحفيين إنه من خلال أدائه لأغنيته أراد أن يحكي قصة لا أن تتحول الأغنية إلى مادة للجدل السياسي في البلاد.

وقال فيديريكو كابيتوني ربما كانت هناك رسالة سياسية أرادت لجنة التحكيم إيصالها من خلال دعم المغني أليساندور محمود.

وأضاف: "ربما لا ينبغي اختيار الفائز في العام المقبل عن طريق التصويت، بل عن طريق البث التلفزيوني، لأنه يكلف كل شخص 51 سنتاً ثمن الرسالة النصية التي يرسلها من هاتفه".

وبثت قناة "راي" الحكومية دعوة رئيسها مارسيلو فوا (شخصية مثيرة للجدل أعرب عن وجهات نظر مناهضة للهجرة) إلى تغيير نظام التصويت. وقال: "هناك اختلال واضح بين الأصوات الشعبية ولجنة التحكيم المكونة من بضع عشرات من الناس، وإنه يجب إصلاح نظام التصويت حتى يشعر الجمهور بأنه ممثل فعلاً".

وتم تعيين فوا رئيساً لـ "راي" في سبتمبر/أيلول الماضي من قبل لجنة برلمانية تشرف على الإذاعة. وتم تكليفه من قبل سالفيني ودي مايو رغم المعارضة القوية من الحزب الديمقراطي الذي يمثل يسار الوسط والمخاوف التي أبدتها اتحادات الصحفيين.

ويستمر هذا المهرجان خمسة أيام كل عام، وجذب هذا العام أكثر من 10 ملايين مشاهد، لكنه نادرًا ما يمر دون نزاع أو خلافات.

ففي يناير/كانون الثاني، تعرض المغني وكاتب الأغاني كلاوديو باجليوني للتهديد لأنه وصف رفض سالفيني لـ 49 من المهاجرين الذين تم إنقاذهم بأنه "يدعو للسخرية" خلال مناظرة تلفزيونية.

وقال فيديريكو كابيتوني، وهو صحفي وناقد موسيقي لصحيفة "لاريبوبليكا" اليومية الإيطالية: "في كل عام هناك مشكلة ما، ولكن بوجود هذه الحكومة لدينا دائماً موضوع سالفيني والهجرة... يبدو أن هناك ذريعة ".

وأضاف: "لا يتطلب الأمر سوى القليل من الدعاية، وإن أرادوا التدخل، سيجدون وسيلة لذلك".

Thursday, February 7, 2019

राफेल पर राहुल गांधी को PM मोदी का जवाब- ईमानदार चौकीदार घोटालेबाजों को बर्दाश्त नहीं

लोकसभा चुनाव के तारीखों के ऐलान से पहले राजनीतिक रैलियों का दौर शुरू हो गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अलग-अलग शहरों में लगातार रैली कर रहे हैं. मोदी ने शुक्रवार को छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में रैली को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र में चौकीदार मजबूत है, इसीलिए कांग्रेस परेशान है. आज एजेंसियां विदेश से सभी राजदारों को वापस ला रही है और इस कारण आज वे दिन-रात मोदी को गाली दे रहे हैं.

उन्होंने कहा, 'देश के अलग-अलग हिस्सों से ऐसे लोग महागठबंधन में मिल रहे हैं, जो कभी कांग्रेस को कोस कर उससे अलग हो गए थे. इनमें होड़ लगी है कि कौन मोदी को कितनी गाली दे सकता है. महामिलावट में शामिल होने का यही क्राइटेरिया है. ये कितनी भी महामिलावट कर लें, चौकीदार चुप बैठने वाला नहीं है. मैं उनमें से नहीं हूं जो अपनी किताब खुलने के डर से शक्तिशाली सुल्तानों पर हाथ डालने से बचते थे.'

कर्जमाफी का सच बिचौलियों का भला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कर्जमाफी के नाम पर बिचौलियों का पेट भरने वाली कांग्रेस का यही तरीका है. ये हमेशा 10 वर्ष बाद ही कर्जमाफी की योजना लेकर आते हैं. पहले 2009 का चुनाव जीतने के लिए ये योजना लाए थे, अब 2019 में फिर लेकर आ गए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की कर्जमाफी का सच यही है कि बिचौलियों का भला होता है और किसान फिर कर्ज के बोझ तले दब जाता है. 100 में से 25-30 किसानों को ही इसका लाभ मिल पाता है. अभी तो इससे भी कम किसानों को इसका लाभ मिल रहा है. ये भेदभाव का रास्ता मोदी को मंजूर नहीं है.

मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने 55 साल में गरीबों को बर्बाद किया, देश को गुमराह किया. हमने गरीबों में नया विश्वास भरा है, नई उम्मीद जगाई है. उसकी अंगुली पकड़ के आगे बढ़ने के रास्ते खोजे हैं. उन्होंने आगे कहा कि ऐसी कोई भी योजना जिसमें बिचौलिए न हों वो कांग्रेस को रास नहीं आती है जिन्हें पीढ़ियों से मलाई खाने की लत हो. वो चौकीदार की ऐसी चाक-चौबंद योजना को जारी कैसे रख सकते.

उन्होंने कहा कि घोटाले और घपलों की इस नीति का ही नतीजा है कि यहां की सरकार को सीबीआई से डर लग रहा है. कांग्रेस सरकार अभी से अपने भ्रष्टाचार को छुपाने में लगी है. दिल्ली से कांग्रेस को यही संस्कार मिलते हैं. उन्हें अब छत्तीसगढ़ को अपना एटीएम बनाना है. यहां से बक्से भर–भर के पैसे दिल्ली भेजने हैं.

उन्होंने राज्य की नई कांग्रेस सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार पहले से चल रहे अच्छे काम को ठप कर रही है. मोदी ने कहा, 'यहां के विधानसभा चुनाव के बाद हर वर्ग के विकास के लिए हमारा संकल्प और मजबूत हुआ है. मैं विश्वास दिलाता हूं कि छत्तीसगढ़ की सड़कों, रेलवे के काम और उद्योग धंधे लगाने के काम में हम और तेजी लाएंगे. हालांकि नई सरकार ने पुरानी सरकार के फैसले को पलट रही है.'

उन्होंने आगे कहा, 'छत्तीसगढ़ की नई सरकार ने पहला फैसला, आयुष्मान भारत योजना से छत्तीसगढ़ को अलग करने का किया और दूसरा फैसला किया कि सीबीआई को राज्य में आने नहीं देंगे. मैं यहां की कांग्रेस सरकार से जानना चाहता हूं कि आखिर वे छत्तीसगढ़ के गरीबों को किस बात की सजा दे रहे है.'

उन्होंने कहा, 'आपके साथ मेरा नाता बहुत पुराना है. जब सत्ता के गलियारों में हम कहीं नहीं थे, तब संगठन के कार्यों के लिए मैं आपके बीच बैठता था. यहां के कार्यकर्ताओं में बीजेपी के प्रति जो मैंने भाव देखा, वो अभूतपूर्व था. अटल जी के प्रति छत्तीसगढ़ के लोगों की श्रद्धा अविस्मरणीय है.'